चक्रवर्ती तूफान होगा और तेज, मौसम विभाग ने दी जानकारी







      भारतीय मौसम विभाग ने ओडिशा के तटीय इलाके और

 आसपास के क्षेत्र में तूफान की चेतावनी दी है। यह चेतावनी दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में बीते छह घंटों के दौरान कम दबाव के क्षेत्र के तेजी से चक्रवाती तूफान में तब्दील होने के चलते दी गई है। सरकार ने मछुआरों को चेतावनी दी है कि वह 18 मई से लेकर समुद्र में या ओडिशा के समुद्री तटों पर ना जाएं।

पश्चिम बंगाल के मछुआरों को भी चेतावनी दी गई है कि वे 18 से 21 मई के बीच बंगाल की खाड़ी या पश्चिम बंगाल-ओडिशा के तटवर्ती क्षेत्रों में ना जाएं। जो मछुआरे पहले से समुद्र में हैं, उन सभी को 17 मई तक लौटने को कहा गया है।

मौसम विभाग का कहना है कि यह चक्रवाती तूफान अगले 12 घंटों में और तेज हो जाएगा, साथ ही इसके 18 मई की सुबह ओडिशा के तटीय इलाके से टकराने की संभावना है। मौसम विभाग ने चेतावनी देते हुए कहा है कि यह तूफान 17 मई को उत्तर-उत्तरपश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा।

इसके बाद उत्तर-उत्तरपूर्व दिशा में इसके बढ़ने की संभावना है। यह बंगाल की खाड़ी में उत्तरपश्चिम और पूरे पश्चिम बंगाल को अपनी चपेट में लेने के साथ ओडिशा के उत्तरी इलाके और समीपवर्ती तट तक 18 से 20 मई बीच प्रभावित करेगा।

इसके साथ ही मौसम विभाग ने मछुआरों को सलाह दी है कि बंगाल की खाड़ी, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के उत्तरी इलाके के मछुआरे 18 मई से लेकर 21 मई तक समुद्र में ना जाएं। जो मछुआरे या नौकाएं समुद्र में हैं उन्हें भी 17 मई तक तट पर लौट आने की सलाह दी गई है।

भुवनेश्वर के मौसम विज्ञान केंद्र ने भी इस संबंध में जानकारी दी है कि बंगाल की दक्षिण-पूर्वी खाड़ी के ऊपर से चक्रवाती तूफान 'एएमपीएचएएन' बीते छह घंटों के दौरान निकटवर्ती इलाके उत्तर-पश्चिम की ओर धीरे-धीरे बढ़ गया है और 16 मई रात 20:30 बजे तक उसी क्षेत्र में केंद्रित रहा है।

इसके अगले 12 घंटे में भयंकर चक्रवाती तूफान में तब्दील होने या और तीव्र होने की संभावना है। यह भयंकर चक्रवाती तूफान 18 मई को और भी भयानक रूप लेकर तेज हवाओं के साथ तटीय इलाकों से टकरा सकता है ।

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