प्रवासी मजदूरों का डाटा रखना होगा डिजिटल
प्रवासी मजदूरों का डाटा रखना होगा डिजिटल
प्रवासी मजदूरों का डाटा रखना होगा डिजिटल
मेरठ। बाहर से आ रहे प्रवासी मजदूरों पर सरकार ने चिंता जताई है। उसने जिला प्रशासन को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए गांव और मोहल्ला निगरानी समिति को प्रवासी मजदूरों का डाटा ऑनलाइन रखना होगा। ये डाटा भी सीधा सरकार को रखना होगा।
गांव स्तर पर 479 निगरानी समिति का गठन किया गया। इसमें प्रधान की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय टीम रहेगी। ये टीम गांव में आने वाले प्रवासी मजदूरों पर नजर रखेगी। इसके अतिरिक्त मोहल्ला निगरानी समिति भी शहर में आने वाले श्रमिकों पर नजर रखेगी। उन्हें रोजगार भी दिया जाएगा। वित्त मंत्री ने मनरेगा के लिए अतिरिक्त बजट का आवंटन किया है। इसको देखते हुए जिला स्तर पर क्वारंटीन में रह रहे प्रवासी मजदूरों को मनरेगा से जोड़ा जाएगा। जिससे अधिक से अधिक लोगों को रोजगार मुहैया कराया जा सके। अभी तक जिले में मनरेगा के तहत तीन हजार से अधिक लोगों को रोजगार दिया जा चुका है। वहीं, श्रम विभाग भी प्रवासी मजदूरों का डाटा तैयार कर रहा है। अभी तक श्रम विभाग को 116 मजदूरों का डाटा प्राप्त हुआ है।
डाटा बनने के बाद श्रमिकों को राशन और भत्ते का भुगतान किया जाएगा। हम अधिक से अधिक श्रमिकों को मनरेगा से जोड़ना चाहते हैं। जिससे वे कार्य कर सकें। - भानु प्रताप सिंह, परियोजना निदेशक, डीआरडीए
462 प्रवासी श्रमिक झारखंड भेजे
मेरठ। लॉकडाउन के चलते मेरठ में फंसे बाहरी राज्यों के श्रमिकों को भेजने का काम जारी है। रविवार को 15 बसों के जरिए झारखंड के 462 प्रवासी मजदूरों को घर भेजा गया। जिला प्रशासन की पहल पर कंकरखेड़ा स्थित कोसा रिजॉर्ट से प्रवासी श्रमिकों को उनके घर भेजा जा रहा है। रोडवेज की ओर से जिम्मेदारी संभाल रहे राजेश त्यागी ने बताया कि 9 बसें गिरीडीह, तीन बसें दुमका और तीन बसें गोड्डा जिले में भेजी गईं। सुबह 9:00 बजे से ही श्रमिकों का यहां पहुंचना शुरू हो गया था। शाम तक उन्हें बसों में बैठाकर गंतव्य की ओर रवाना किया गया। सभी बसों में सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन किया गया। जिला प्रशासन की ओर से उनके लिए भोजन की व्यवस्था की गई।
मेरठ। बाहर से आ रहे प्रवासी मजदूरों पर सरकार ने चिंता जताई है। उसने जिला प्रशासन को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए गांव और मोहल्ला निगरानी समिति को प्रवासी मजदूरों का डाटा ऑनलाइन रखना होगा। ये डाटा भी सीधा सरकार को रखना होगा।
गांव स्तर पर 479 निगरानी समिति का गठन किया गया। इसमें प्रधान की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय टीम रहेगी। ये टीम गांव में आने वाले प्रवासी मजदूरों पर नजर रखेगी। इसके अतिरिक्त मोहल्ला निगरानी समिति भी शहर में आने वाले श्रमिकों पर नजर रखेगी। उन्हें रोजगार भी दिया जाएगा। वित्त मंत्री ने मनरेगा के लिए अतिरिक्त बजट का आवंटन किया है। इसको देखते हुए जिला स्तर पर क्वारंटीन में रह रहे प्रवासी मजदूरों को मनरेगा से जोड़ा जाएगा। जिससे अधिक से अधिक लोगों को रोजगार मुहैया कराया जा सके। अभी तक जिले में मनरेगा के तहत तीन हजार से अधिक लोगों को रोजगार दिया जा चुका है। वहीं, श्रम विभाग भी प्रवासी मजदूरों का डाटा तैयार कर रहा है। अभी तक श्रम विभाग को 116 मजदूरों का डाटा प्राप्त हुआ है।
डाटा बनने के बाद श्रमिकों को राशन और भत्ते का भुगतान किया जाएगा। हम अधिक से अधिक श्रमिकों को मनरेगा से जोड़ना चाहते हैं। जिससे वे कार्य कर सकें। - भानु प्रताप सिंह, परियोजना निदेशक, डीआरडीए
462 प्रवासी श्रमिक झारखंड भेजे
मेरठ। लॉकडाउन के चलते मेरठ में फंसे बाहरी राज्यों के श्रमिकों को भेजने का काम जारी है। रविवार को 15 बसों के जरिए झारखंड के 462 प्रवासी मजदूरों को घर भेजा गया। जिला प्रशासन की पहल पर कंकरखेड़ा स्थित कोसा रिजॉर्ट से प्रवासी श्रमिकों को उनके घर भेजा जा रहा है। रोडवेज की ओर से जिम्मेदारी संभाल रहे राजेश त्यागी ने बताया कि 9 बसें गिरीडीह, तीन बसें दुमका और तीन बसें गोड्डा जिले में भेजी गईं। सुबह 9:00 बजे से ही श्रमिकों का यहां पहुंचना शुरू हो गया था। शाम तक उन्हें बसों में बैठाकर गंतव्य की ओर रवाना किया गया। सभी बसों में सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन किया गया। जिला प्रशासन की ओर से उनके लिए भोजन की व्यवस्था की गई।
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